1.
चुनमुन बेटी ने मेरा नाम 'बिल्ली' रख दिया है. जब भी मेरे साथ खेलती है. बस बिल्ली ही पुकारती है. बिल्ली अब दूसरा गेम खेलते हैं. बिल्ली अब चीडिया उड़ी, भैंस उड़ी खेलते हैं. बिल्ली अब चूहा दोड़ बिल्ली आई खेलते हैं. जैसे ही खेल खत्म. फिर से वही पापाजी. अजी मेरा नाम ही नहीं उसने तो अपने चाचा का नाम भी 'मीना' रख दिया है.
एक दिन शाम को जब आया तो देखा नैना अपने चाचा को बूढ़ढा ( उनके चाचा के बाल अभी से सफेद होने लगे हैं. इसी कारण से.) कह रही थी.
मैंने कहा 'बेटा ऐसे नहीं कहते. वो आपके चाचा हैं.'
कहने लगी, 'पापाजी जब वो मेरे को मोटी बोलेंगे तो क्या मैं बूढ़ढा ना बोलूं'. अगर वो मुझे नैना कहेंगे तो मैं भी उन्हें चाचा बोलूंगी."
2.
एक दिन तबीयत ठीक नहीं थी. मैं लेटा हुआ था. चुनमुन आई और कहने लगी, 'पापाजी ये लो चने खा लो.' मैंने कहा, 'मैं बाद में खा लूंगा. मेरी तबीयत ठीक नहीं है. थोडी देर सोने दो.'
और चने मेरे पैरों के पास रखकर, मेरे पैरों के पास रखी चदर को मुझे उढ़ाने की कोशिश करने लगी. पर मैने कहा, 'नहीं रहने दो मैं खुद ही ओढ लूंगा'.
~20.03.2009~
3.
शाम को चुनमुन पानी मांगने लगी कि पापाजी पानी पीऊंगी. तो देखा पानी की बोतल नहीं थी. मैने कहा कि बेटा पानी की बोतल नहीं है. मम्मी को आने दो वो लेके आएगी. तो कहने लगी मेरी बोतल में पानी है. तो मैने कहा कि तो पी लो. तो कहने लगी कि पापा इसमें पानी नहीं है. मैंने उल्लू बना दिया आपको. और हंसने लगी.
4.
चुनमुन, थैंक यू कहने पर बेलकम कहती है.
बातें खूब बनाती है.
मुझे सिलेट पर गिनती लिखकर
खुशी-खुशी दिखाती है.
~12.05.09~
5.
ऐसे ही काफी दिनों पहले मैं अपने डेस्कटॉप पर कुछ काम कर रहा था. बेटी को बेड पर रखा केला नजर आ गया. वह उसे उठाकर छीलने लगी. अक्सर उससे केला छिलता नहीं था. पर उस दिन उसने वह केला छील दिया. फिर मेरे पास आकर बहुत खुश होकर बोली, 'पापाजी मैंने केला छील दिया. मैं बड़ी हो गई.'
6.
एक दिन इसका चाचा इसके लिए छोटा-सा केक ले आया तो मैंने कहा, 'चुनमुन मुझे भी दे दो.'
तो कहने लगी, 'इसे बड़े नहीं खाते, बच्चें खाते है.'
और जल्दी-जल्दी सारा केक खा गई.
7.
चुनमुन जब से स्कूल जाने लगी है, मैडम भी हो गई है. अपनी मम्मी से कहती है, 'मैं मैडम हूं. बताओ ऐ फोर क्या होता है?'
उसकी मम्मी बोली, 'ऐ फोर आलू होता है.'
फिर बेटी बोली, "अरे बुद्धु ये भी नहीं आता ऐ फोर एप्पल होता है.'
~10.8.2009~
8.
हम तीनों यानि चुनमुन और उसके मम्मी पापा खाना खा रहे थे. तो मैंने राएते का बड़े वाला गिलास ले लिया. जब खाना खत्म होने को आया तो उसकी मम्मी, उसके पापा को कहने लगी आपने क्यों लिया बड़ा वाला गिलास. मैने तो आज राएता पिया ही नहीं. मेरा तो आधा रायता चुनमुन ही पी गई. मैं पी चुका था. पर चुनमुन पी रही थी. पर वह रुककर बोली,' मम्मा आप ये पी लो.'
9.
रात को जब हम तीनों टीवी देख रहे थे.
मैं चुनमुन की मम्मी को कहने लगा कि यार हाथ दबा दो. थोडा-सा दर्द है. पर उन्होंने मना कर दिया कि मैं खुद परेशान हूं. मैं नहीं दबा रही. तो नैना झट से बोली, 'पापा मैं दबाऊं.'.
~11.09.2009~
10.
पापाजी जब लस्सी नहीं होती है. तो मैं पानी को ही लस्सी बना लेती हूं.

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