Sunday, August 16, 2026

पापाजी ये सीरियल है, हकीकत नहीं.

1.

पापा- पता है एक मेरी तमन्ना थी कि...

बेटी- (अभी वाक्य पूरा भी नहीं किया था कि बेटी बोली.) पापाजी आपकी ये जो तमन्नाएं हैं ना. इन्हें ना आप अपने तक रखा करो. 

पापा- मतलब?

बेटी- मतलब ये कि इसमें किसी दूसरे व्यक्ति को शामिल मत किया करो. आपकी तमन्नाओं में दूसरा आदमी शामिल रहता ही है. आप सोलो कुछ नहीं करते.

पापा- मैं समझा नहीं ?

बेटी- जैसे मैं एक दिन पेरिस जाऊंगा. इसका मतलब ये आप खुद कर सकते हो. खुद जा सकते हो लेकिन आपकी तमनाओ में कोई दूसरा जरुर आ जाता है. फिर कोई जरूरी नहीं कि वो तमन्ना आपकी पूरी हो क्योंकि उसमें कोई दूसरा आ गया है. फिर काफी कुछ उस आदमी पर भी तो डिपेंड करता है. इसलिए अपनी तमन्ना में किसी दूसरे को शामिल मत करो. 

पापा- मतलब ये कि तमन्नाओं वो हों, जो मैं अकेले ही कर सकूं.

बेटी- यस.

~26.2.26~

2.

मैं-ओह! ( एक सीरियल को देखते हुए.) 
बेटी- पापाजी ये सीरियल है. हकीकत नहीं. 

~5.3.26~

3.

बेटी- क्या पापाजी अपने दिमाग को दूषित कर रहे हो, इससे अच्छा तो मंडी हाउस चले जाओ, आर्ट-गैलरी घूम आओ!
पिता- अरे भई ये तो बताओ कि हुआ क्या है?
बेटी- इतनी देर से हरियाणे होली की रील देखे जा रहे हो!

[ दरअसल मैं काफी देर से हरियाणवी होली पर बनी रील देख रहा था।  मैं उन्हें बताने लगा कि एक रील वाइरल हो रखी है, जिसमें एक आदमी आलथी-पालथी मारकर बैठा है और औरतों से 'कोरडे' खाए जा रहा है।
बेटी बोली,' देखो आपकी पसंद की होली में कितनी हिंसा हो रही है। मैं उन्हें क्या कहता कि बेटी ये हिंसा नहीं है। हां ये जरूर है अब होली वो होली नहीं रही। उसका रूप बदला है। सच में वो थोड़ी दूषित तो हुई है। पर मेरा मन तो इसी में कहीं उस होली के रंगों को ढूंढ रहा है, जो सच में मुझे सुकून दे सकें।]

~6.3.26~

4.

बेटी- पापाजी इन डॉक्टर का क्लिनिक तो कुछ ऐसा -सा ही है! 
पापा-हमें इनके 40 साल के अनुभव से मतलब है. ना कि क्लिनिक से. 
बेटी- क्लिनिक भी तो थोड़ा अच्छा-सा होना चाहिए ना! 
पापा- 😃

~27.3.26~

5.

पापाजी मैं एच एंड एम में इतनी बार आ चुकी हूं कि लगता जैसे ये हमारी ही दुकान हो 😎

~4.6.26~ 

6.

पापाजी जब घर से निकलो तो शर्म को जेब में रखकर निकलना चाहिए 😄

[ जब सीपी की एक दुकान में घुसते हुए हिचक रहा था मैं.]

~4.6.26~ 

7.

बेटी का कॉलेज से मैसेज आया है. 

'Ye illiterate kabootar ne phir cheap harkat ki .

iss baar buss nishan chhota hai, but same jagah. 😎


4.7.26 

Monday, March 23, 2026

पापाजी किसी काम को करने के लिए इतना सोचा नहीं करते. बस 1 2 3 बोलकर कर देना चाहिए. इससे जिंदगी ज्यादा इजी हो जाती है.

5.

बेटी- पापाजी आप ना अनिल कपूर की तरह अपनी दाढ़ी काली करवा लो.
पापा- क्यूं भई?
बेटी- वो मेट्रो में लोग आपकी सफेद दाढ़ी देखकर आपको सीनियर सिटीजन समझ बैठते हैं. और फिर अपनी सीट ऑफर करने लगते हैं! 

[सच में कई बार मेट्रो में मेरे साथ हो चुका है ]

~15.09.2025~

6.

( पापा शीशे में देखते हुए बेटी से.)
 
पापा- शीशे में शक्ल तो ठीक लग रही है. इतना कमजोर नजर नहीं लग रहा लेकिन फोटो खींचाते वक्त कमजोर लग रहा हूं. 
बेटी- वो आप मम्मी के साथ फोटो खींचवा रहे हो ना! 

~10.10. 2025~

7.

( किसी काम को करने के बारे में बार-बार सोच रहा था कि कैसे करूं. )

बेटी- पापाजी किसी काम को करने के लिए इतना सोचा नहीं करते. बस 1 2 3 बोलकर कर देना चाहिए. इससे जिंदगी ज्यादा इजी हो जाती है. 

~26.11.25~


8.

पापा- 'याद है कुछ तुम्हें' और 'याद आया कुछ तुम्हें' में से कौन सी लाइन ज्यादा अच्छी है? 
बेटी- पापाजी पहली बात मैं कोई राइटर नहीं हूं. दूसरी बात मेरा ऐसा कुछ अनुभव नहीं रहा है. इसलिए मैं कुछ बता नहीं सकती. 
पिता- हा हा 😍

~28.11.25~ 

9.

पिछले दिनों बेटी का कहना था कि जब पेट ठीक ना हो तो चिंगम खानी चाहिए. उसका अनुभव कहता है. इसी का फायदा उठाते हुए हमने एक दिन उनसे एक चिंगम मांग ली. 

पापा- एक चिंगम तो दो ज़रा.
बेटी- ले लो. 
पापा- एक नहीं दो दे दो. 
बेटी- क्या पापाजी, ये विदेशी ब्रांड की है, महंगी भी है!
पापा- कहां की है ? 
बेटी- अमेरिका की. 
पापा- ओके. 
बेटी- पापाजी आपने गौर किया है कि हमें जो चीजें पसंद आती हैं वो सब की सब महंगी होती हैं 
पापा-हां ये तो है. पर ये अच्छी बात नहीं है. 
बेटी-हां वो तो है. लेकिन दूसरे एंगल से सोचो तो अच्छी बात भी है. जब हमें महंगी चीजें पसंद आएंगी तो हम मेहनत करके ज्यादा पैसे कमाने की भी सोचने लगेंगे.

~28.12.25~