1.
पापा- पता है एक मेरी तमन्ना थी कि...
बेटी- (अभी वाक्य पूरा भी नहीं किया था कि बेटी बोली.) पापाजी आपकी ये जो तमन्नाएं हैं ना. इन्हें ना आप अपने तक रखा करो.
पापा- मतलब?
बेटी- मतलब ये कि इसमें किसी दूसरे व्यक्ति को शामिल मत किया करो. आपकी तमन्नाओं में दूसरा आदमी शामिल रहता ही है. आप सोलो कुछ नहीं करते.
पापा- मैं समझा नहीं ?
बेटी- जैसे मैं एक दिन पेरिस जाऊंगा. इसका मतलब ये आप खुद कर सकते हो. खुद जा सकते हो लेकिन आपकी तमनाओ में कोई दूसरा जरुर आ जाता है. फिर कोई जरूरी नहीं कि वो तमन्ना आपकी पूरी हो क्योंकि उसमें कोई दूसरा आ गया है. फिर काफी कुछ उस आदमी पर भी तो डिपेंड करता है. इसलिए अपनी तमन्ना में किसी दूसरे को शामिल मत करो.
पापा- मतलब ये कि तमन्नाओं वो हों, जो मैं अकेले ही कर सकूं.
बेटी- यस.
~26.2.26~
2.
मैं-ओह! ( एक सीरियल को देखते हुए.)
बेटी- पापाजी ये सीरियल है. हकीकत नहीं.
~5.3.26~
3.
बेटी- क्या पापाजी अपने दिमाग को दूषित कर रहे हो, इससे अच्छा तो मंडी हाउस चले जाओ, आर्ट-गैलरी घूम आओ!
पिता- अरे भई ये तो बताओ कि हुआ क्या है?
बेटी- इतनी देर से हरियाणे होली की रील देखे जा रहे हो!
[ दरअसल मैं काफी देर से हरियाणवी होली पर बनी रील देख रहा था। मैं उन्हें बताने लगा कि एक रील वाइरल हो रखी है, जिसमें एक आदमी आलथी-पालथी मारकर बैठा है और औरतों से 'कोरडे' खाए जा रहा है।
बेटी बोली,' देखो आपकी पसंद की होली में कितनी हिंसा हो रही है। मैं उन्हें क्या कहता कि बेटी ये हिंसा नहीं है। हां ये जरूर है अब होली वो होली नहीं रही। उसका रूप बदला है। सच में वो थोड़ी दूषित तो हुई है। पर मेरा मन तो इसी में कहीं उस होली के रंगों को ढूंढ रहा है, जो सच में मुझे सुकून दे सकें।]
~6.3.26~
4.
बेटी- पापाजी इन डॉक्टर का क्लिनिक तो कुछ ऐसा -सा ही है!
पापा-हमें इनके 40 साल के अनुभव से मतलब है. ना कि क्लिनिक से.
बेटी- क्लिनिक भी तो थोड़ा अच्छा-सा होना चाहिए ना!
पापा- 😃
~27.3.26~
5.
पापाजी मैं एच एंड एम में इतनी बार आ चुकी हूं कि लगता जैसे ये हमारी ही दुकान हो 😎
~4.6.26~
6.
पापाजी जब घर से निकलो तो शर्म को जेब में रखकर निकलना चाहिए 😄
[ जब सीपी की एक दुकान में घुसते हुए हिचक रहा था मैं.]
~4.6.26~
7.
बेटी का कॉलेज से मैसेज आया है.
'Ye illiterate kabootar ne phir cheap harkat ki .
iss baar buss nishan chhota hai, but same jagah.
😎
4.7.26
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