Saturday, September 27, 2025

पापाजी एसी में आम खाने का मजा ही कुछ और होता है बोलो तो चला आऊं

 1.

पापा- सुनो खुल्ले पैसे नहीं हैं मेरे पास. दूध-फल लाने हैं.

मम्मी- मेरे पास भी नहीं हैं.

बेटी- पापाजी मैं दूं.

पापा- हां. आप ही दे दो.

बेटी- लेकिन पापाजी हिसाब दे देना!!

~23.2.2017~ 


2.

बेटी- पापाजी एक आईडिया आया.

पापा- क्या?

बेटी- जब आप दो चाकलेट लाओ ना तो एक साथ दोनों चाकलेट मत दिया करो.

पापा- क्यूं !

बेटी- आप एक चाकलेट छुपा दिया करो. फिर उसे अगले दिन दिया करो. इससे आपके पैसे भी बचेंगे और मुझे ज्यादा चाकलेट खाने की आदत भी नहीं पड़ेगी. बोलो कैसा लगा मेरा आईडिया. बोलो-बोलो!

~05.04.2017~


3.


फूफाजी नैना बहुत बोलती है!

पापा- नैना देखो भैया क्या कह रहा है!

बेटी- वो ना पापाजी मुझे लेक्चरर बनना है. अभी से लेक्चर दूंगी तभी तो आगे जाकर लेक्चरर बनूंगी. 

~01.06.2017~


4.


बेटी- पापाजी एसी में आम खाने का मजा ही कुछ और होता है. बोलो तो चला आऊं. 

~10.06.2017~


5.


आज घर घर-सा लगा. बेटी के आते ही चहल-पहल शुरू.

अम्मा ये बनाओ, अम्मा नानी के यहां तो लस्सी मिली ही नहीं. आज मेरे लिए खिचड़ी बनाना.

दादू आप जब मदर डेयरी से दूध लाओ ना तो मेरे लिए मीठे दूध की बोतल लेते आना .

पापाजी मैं आधा घंटा तारक मेहता देख लूं.

और अभी थोड़ी देर पहले ये अम्मा, दादू के पास नीचे सोने गई. 


[ दिन में गर्मी की वजह से नीचे ही सोती है.]


दादू ने पूछा कि क्या हुआ गर्मी लग रही है?

हां, ऊपर गर्मी है.

एसी चला लो.


(बेटी मुस्कराकर मेरे पास आकर बोली, 'पापू एसी चला लो.')

क्यूँ!

सुप्रीम कोर्ट (दादू) का आर्डर है!   


[ नॉर्मली दिन में हम दिन में एसी नहीं चलाते.]

~04.06.2017~


6.


बेटी- पापाजी एसी चला दो नहीं तो मैं बाबाजी को बुला लाऊंगी!!

~09.07.2017~


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