Showing posts with label दादू. Show all posts
Showing posts with label दादू. Show all posts

Saturday, September 27, 2025

'मम्मीजी जब कोई बाहर से आता है ना तो उससे पानी पूछते हैं! आपने पूछा?


6.

अभी बाप-बेटी 2 किलोमीटर पैदल चलकर दवाई लाए. घर आते ही बेटी बोली, 'मम्मीजी जब कोई बाहर से आता है ना तो उससे पानी पूछते हैं! आपने पूछा?

मम्मी- समझ गई दादी मम्मा!

~28.04.2019~


7.


बेटी कहती है कि पापाजी जितनी बहस हम तीनों करते हैं. अगर इसके वीडियो बनाकर डाल दें तो न्यूज़ चैनल से ज्यादा टीआरपी हमारी आ जाएगी. 

~05.05.19~


8.


पापा- बच्चू जलेबी ले लेते हैं.

बेटी- क्यों?

पापा- अरे भई मौसम सुहाना है.

बेटी- मौसम सुहाना है या मोदी जी की जीत!

[बेटी को टूशन से लाते वक्त बेटी का कटाक्ष. ]

~23.5.2019~


9.


पापा- हेल्लो. बच्चू आज कौन-सा डे है?

बेटी- ऊं...अरे हां याद आया. आज तो फादर्स डे है.

पापा- आपने फोन भी नहीं किया! वैसे तो रोज बताते रहते हो कि आज ये डे है..आज वो डे.

बेटी- पापाजी वो आज सुबह देखा तो था लेकिन फिर भूल गई. क्यूं आपको गिफ्ट चाहिए था?

पापा- अरे नहीं...

बेटी- जब घर आऊंगी तो दे देंगे उसमें क्या है!!

~15.06.19~


10.


बेटी- पापाजी मेरे अलावा कोई ऐसा बच्चा नहीं है, जिसने मेरी तरह अब तक राखी पहन रखी हो.

पापा- मैं हूं ना.

बेटी- आप कोई बच्चे हो!!

~22.09.19~


11.


बेटी- पापाजी स्कूल की PTM में जाने के लिए आपने मेरी पसंद का कुर्ता और जीन्स पहनी ही ली है, तो अब टोपी भी लगा ही लो.

पापा- क्यूं भई?

बेटी- अरे तब आप और ज्यादा अच्छे लगोगे.

पापा- अच्छा लगूंगा या फिर गंजा! 

बेटी- अरे नहीं. आजकल तो सभी के पापा के बाल उड़े हुए रहते हैं.

~01.10.19~



12.

पापा- बच्चू इस बार कुछ ज्यादा ही रावण दहन नहीं हो रहे हमारे इलाके में ?

बेटी- हां, क्योंकि इधर रावण ज्यादा रहते हैं!

~08.10.2019~


पापाजी पंखा चला लूं

1.

पापा- चुनमुन उठो भई. सात बजने वाले हैं.

बेटी- पापाजी बस पांच मिनट.

पापा- कल तो बड़ी-बड़ी बातें कर रही थीं कि पापाजी कल जल्दी उठा देना. अब तो स्कूल भी खुलने वाले हैं. और अब बस पांच मिनट.

बेटी- पापाजी बस दो मिनट.

पिता- कल जब स्कूल खुलेंगे तो क्या करोगे ?

बेटी- पापाजी जब सिर पर पड़ती है तो सब आगे-आगे भागने लगते हैं!

~15.01.19~


2.


सुबह-सुबह एक चैनल की हैडलाइन थी.


~बजट का महाकुंभ~


इसे सुनकर बेटी बोली- पापाजी कुंभ खत्म हो गया क्या?

पापा- नहीं तो.

बेटी- वैसे लोग वहां जाकर क्या करते हैं?

पापा- वहां नहाकर अपने पाप धोते हैं!

बेटी- फिर लोग पाप करते ही क्यूं हैं ?

~01.02.19~


3.


बेटी- पापाजी ये हमारे स्कूल वाले गजब ही हैं.

पापा- क्यूं भई क्या हुआ?

बेटी- देखो पहले कह रहे थे कि अप्रैल में स्कूल खुलेंगे और अब कह रहे हैं कि 1 मार्च को स्कूल खुलेंगे.

पापा- तो क्या हुआ! घर में बोर होने से अच्छा है कि स्कूल में मस्ती करो. जब तक रिजल्ट नहीं आ जाता.

बेटी- वो तो ठीक है लेकिन 15 मार्च की जगह 16 मार्च को स्कूल खोलते तो ज्यादा अच्छा होता!

पापा- 15 और 16 मार्च में क्या फर्क है भई.

बेटी- अरे पापाजी 15 मार्च को वर्ल्ड स्लीप डे है ना.

पापा- तो फिर!!

बेटी- अरे मैं वर्ल्ड स्लीप डे के दिन खूब सोती. अब नहीं सो पाऊँगी. आप समझते नहीं हो!

~03.03.2019~


4.


बेटी- पापा जी आज पंखा चला ही लो.

पापा- क्यों भई? किस खुशी में? आपको दिख नहीं रहा कि मुझे बुखार है और आप पंखा चलाने को कह रहे हो!

बेटी- इसलिए तो कह रही हूं!

पापा- वाह! बहुत अच्छे!

बेटी- आप सुनो तो सही.

पापा- चलो सुनाओ.

बेटी- देखो अगर पंखा चलेगा तो आपको थोड़ी ठंड लगेगी और जब ठंड लगेगी तो आप कंबल जरुर ओढोगे.

पापा- तो फिर ?

बेटी- देखो जब आप दो-दो कंबल ओढेंगे तो आपको पसीना आएगा. और जब पसीना आता है ना तो बुखार उतर जाता है.

भई माफ करो.


~थोड़ी देर बाद~


बेटी- पापाजी पंखा चला लूं.

पापा- नैना!!


~फिर 10 मिनट बाद~


बेटी- पापाजी

पापा- चला लो.!

~18.03.19~


5.


बेटी- पापाजी कल सुबह 8 बजे स्कूल चलना है. रिजल्ट लेने के लिए.

पापा- अरे भई दादू को ले जाओ ना.

बेटी- आपको चलने में क्या दिक्कत है?

पापा- अरे समझा करो. दादू को ले जाओ ना.

बेटी- बाबाजी अपनी डीटीसी बस से ले जाएंगे. और आप ऑटो से. आप भी समझा करो!

~28.03.19~


पापाजी एसी में आम खाने का मजा ही कुछ और होता है बोलो तो चला आऊं

 1.

पापा- सुनो खुल्ले पैसे नहीं हैं मेरे पास. दूध-फल लाने हैं.

मम्मी- मेरे पास भी नहीं हैं.

बेटी- पापाजी मैं दूं.

पापा- हां. आप ही दे दो.

बेटी- लेकिन पापाजी हिसाब दे देना!!

~23.2.2017~ 


2.


बेटी-पापाजी आप थोड़ी देर के लिए कब फ्री हो सकते हैं?
पापा- क्यों, आपको क्या करवाना है?
बेटी-वो क्लास 7 की किताबें लानी हैं.

पापा-क्या! अभी पास भी नहीं हुए और किताबें लाने चल दें. वाह जी वाह. 

बेटी- आप भी ना क्या बात करते हैं. क्या मैं पास भी नहीं होंगी! आजकल तो बेकार से बेकार बच्चा भी पास हो जाता है. 


22.3.2017


3.

बेटी- पापाजी एक आईडिया आया.

पापा- क्या?

बेटी- जब आप दो चाकलेट लाओ ना तो एक साथ दोनों चाकलेट मत दिया करो.

पापा- क्यूं !

बेटी- आप एक चाकलेट छुपा दिया करो. फिर उसे अगले दिन दिया करो. इससे आपके पैसे भी बचेंगे और मुझे ज्यादा चाकलेट खाने की आदत भी नहीं पड़ेगी. बोलो कैसा लगा मेरा आईडिया. बोलो-बोलो!

~05.04.2017~


4.


फूफाजी नैना बहुत बोलती है!

पापा- नैना देखो भैया क्या कह रहा है!

बेटी- वो ना पापाजी मुझे लेक्चरर बनना है. अभी से लेक्चर दूंगी तभी तो आगे जाकर लेक्चरर बनूंगी. 

~01.06.2017~


5.

बेटी- पापाजी एसी में आम खाने का मजा ही कुछ और होता है. बोलो तो चला आऊं. 

~10.06.2017~


6.


आज घर घर-सा लगा. बेटी के आते ही चहल-पहल शुरू.

अम्मा ये बनाओ, अम्मा नानी के यहां तो लस्सी मिली ही नहीं. आज मेरे लिए खिचड़ी बनाना.

दादू आप जब मदर डेयरी से दूध लाओ ना तो मेरे लिए मीठे दूध की बोतल लेते आना .

पापाजी मैं आधा घंटा तारक मेहता देख लूं.

और अभी थोड़ी देर पहले ये अम्मा, दादू के पास नीचे सोने गई. 


[ दिन में गर्मी की वजह से नीचे ही सोती है.]


दादू ने पूछा कि क्या हुआ गर्मी लग रही है?

हां, ऊपर गर्मी है.

एसी चला लो.


(बेटी मुस्कराकर मेरे पास आकर बोली, 'पापू एसी चला लो.')

क्यूँ!

सुप्रीम कोर्ट (दादू) का आर्डर है!   


[ नॉर्मली दिन में हम दिन में एसी नहीं चलाते.]

~04.06.2017~


7.


बेटी- पापाजी एसी चला दो नहीं तो मैं बाबाजी को बुला लाऊंगी!!

~09.07.2017~


अरे बाबा कितनी बार हैप्पी बर्थ डे बोलोगे पापाजी!

1.

'पापू', बेटी ने अपने पापा को दिया नया नाम. पापा का पा, बापू का पू. 

~4.2.12~


2.


पापा- देखो कैसी अच्छी इंगलिश बोल रहा है वो लड़का.

बेटी- क्या पापू, वो बॉक्स को तो डब्बा बोल रहा है. डब्बे को इंगलिश में बॉक्स कहते हैं.

वो तो नहीं बोला उसने!

~19.2.12~


3.


पापू मेरी कोई डिवीजन नहीं आई पर नम्बर अच्छे आए हैं 428/500...

~22.3.2012~


4.


पापा- बेटा जी, आप अपनी जुल्फें कटवा लो. ज्यादा बड़ी हो गई हैं. कंघी में जुल्फें उलझती हैं. फिर आप चिल्लाती हो. इसलिए छोटे बाल करा लो. मेरी तरह.

बेटी- जुल्फें नहीं हेयर बोलते हैं पापू. आपके बाल चूहा ले गया तो मैं क्या करुं. मैं तो बड़े ही रखूंगी. लड़कियों की तरह.

~24.3.2012~


5.


~आज सुबह-सुबह~


पापाजी आज आपकी और मम्मीजी की शादी का जन्मदिन है ना.

~8.5.12~


6.


बेटी- पापाजी कल दादू कह रहे थे कि एक आदमी ने शेर को मार दिया.

पापा- अच्छा!

बेटी- पापाजी क्या शेर को कोई मार सकता है? वो तो जंगल का राजा होता है.

पापा- चुनमुनी, अगर आदमी शेर से ज्यादा ताकतवर होगा तो मार सकता है.

बेटी- आपकी तरह.

पापा- हा हा. 

~14.7.2012~


7.


लोग मरने के बाद कहां जाते हैं पापाजी?

~18.7.2012


8.


पापू, क्या कोई ऐसा स्कूल भी है, जहां टेस्ट नहीं होते और पेपर भी नहीं होते...

~9.9.2012~


9.


सुबह उठते ही बेटी बोलती है. 'पापू, बस दो दिन रह गए मेरे जन्मदिन को.' 


अभी परसो की ही बात है, फोन करके कहती है " पापू देखो मम्मी मेरी पसंद की ड्रेस नहीं ले रही हैं, जन्मदिन किसका है? मेरा ना. फिर पसंद किसकी चलेगी. मेरी ना. पापाजी, बोल दो ना मम्मी को. मुझे यही ड्रेस चाहिए. 

~25.9.2012~


10.


बेटी बड़ी खुश थी अपने जन्मदिन पर. खुशी के मारे भूख भी नहीं लगी उसे आज दिनभर. मार्किट गई तो जूस पीना भी भूल गई. अब जब लेटी तो लेटते ही सो गई.

~27.9.2012~ 


11.


अरे बाबा कितनी बार हैप्पी बर्थ डे बोलोगे पापाजी! ~27.9.2012~ 


12.


पापा- नैना बेटी सो जाओ, आज तो आप दिन में भी नहीं सोए हो.

बेटी - पापाजी अभी 10 नहीं बजे. मैं तो दस बजे सोता हूं ना!

पापा- ये कोई पंडितजी ने महूर्त निकाला है कि दस बजे ही सोना है. अब सो जाओ.

बेटी- अच्छा बाबा सोती हूं!


~एक दिन के बाद~


बेटी- मम्मा जी, भूख लगी रोटी बनाओ.

पापा- अभी तो 6 भी नहीं बजे. रोटी तो सात बजे के बाद बनती है.

बेटी- ये कोई पंडितजी ने मूहूर्त निकाला है कि रोटी सात बजे ही बनेगी.

पिता- चुप....

बेटी- हा हा!

मम्मी- हा हा!


13.


मम्मी- चुनमुन जल्दी सो जाओ, फिर सुबह स्कूल के लिए जल्दी उठते नहीं हो. हम उठाते रहते हैं, आप ऊं ऊं करते रहते हो.

बेटी- मम्मा ऐसा करा करो, जब उठाओ ना तो बोला करो, नैना ये लो चाकलेट. फिर देखो मैं कैसे जल्दी उठती हूं .

~3.10.2012~


14.


बेटी- पापाजी गाय और बिल्ली आपस में दोनों बहन हैं?

पापा- अरे भाई गाय और बिल्ली बहन कैसे हो सकती हैं?

बेटी- हम गाय को गाय माता और बिल्ली को बिल्ली मौसी बोलते हैं ना.

पापा- हां बोलते हैं।

बेटी- फिर वो दोनों आपस में बहन हुई ना.... आप भी ना बुद्धू हो. 

~2.11.2012~