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Saturday, September 27, 2025

अरे बाबा कितनी बार हैप्पी बर्थ डे बोलोगे पापाजी!

1.

'पापू', बेटी ने अपने पापा को दिया नया नाम. पापा का पा, बापू का पू. 

~4.2.12~


2.


पापा- देखो कैसी अच्छी इंगलिश बोल रहा है वो लड़का.

बेटी- क्या पापू, वो बॉक्स को तो डब्बा बोल रहा है. डब्बे को इंगलिश में बॉक्स कहते हैं.

वो तो नहीं बोला उसने!

~19.2.12~


3.


पापू मेरी कोई डिवीजन नहीं आई पर नम्बर अच्छे आए हैं 428/500...

~22.3.2012~


4.


पापा- बेटा जी, आप अपनी जुल्फें कटवा लो. ज्यादा बड़ी हो गई हैं. कंघी में जुल्फें उलझती हैं. फिर आप चिल्लाती हो. इसलिए छोटे बाल करा लो. मेरी तरह.

बेटी- जुल्फें नहीं हेयर बोलते हैं पापू. आपके बाल चूहा ले गया तो मैं क्या करुं. मैं तो बड़े ही रखूंगी. लड़कियों की तरह.

~24.3.2012~


5.


~आज सुबह-सुबह~


पापाजी आज आपकी और मम्मीजी की शादी का जन्मदिन है ना.

~8.5.12~


6.


बेटी- पापाजी कल दादू कह रहे थे कि एक आदमी ने शेर को मार दिया.

पापा- अच्छा!

बेटी- पापाजी क्या शेर को कोई मार सकता है? वो तो जंगल का राजा होता है.

पापा- चुनमुनी, अगर आदमी शेर से ज्यादा ताकतवर होगा तो मार सकता है.

बेटी- आपकी तरह.

पापा- हा हा. 

~14.7.2012~


7.


लोग मरने के बाद कहां जाते हैं पापाजी?

~18.7.2012


8.


पापू, क्या कोई ऐसा स्कूल भी है, जहां टेस्ट नहीं होते और पेपर भी नहीं होते...

~9.9.2012~


9.


सुबह उठते ही बेटी बोलती है. 'पापू, बस दो दिन रह गए मेरे जन्मदिन को.' 


अभी परसो की ही बात है, फोन करके कहती है " पापू देखो मम्मी मेरी पसंद की ड्रेस नहीं ले रही हैं, जन्मदिन किसका है? मेरा ना. फिर पसंद किसकी चलेगी. मेरी ना. पापाजी, बोल दो ना मम्मी को. मुझे यही ड्रेस चाहिए. 

~25.9.2012~


10.


बेटी बड़ी खुश थी अपने जन्मदिन पर. खुशी के मारे भूख भी नहीं लगी उसे आज दिनभर. मार्किट गई तो जूस पीना भी भूल गई. अब जब लेटी तो लेटते ही सो गई.

~27.9.2012~ 


11.


अरे बाबा कितनी बार हैप्पी बर्थ डे बोलोगे पापाजी! ~27.9.2012~ 


12.


पापा- नैना बेटी सो जाओ, आज तो आप दिन में भी नहीं सोए हो.

बेटी - पापाजी अभी 10 नहीं बजे. मैं तो दस बजे सोता हूं ना!

पापा- ये कोई पंडितजी ने महूर्त निकाला है कि दस बजे ही सोना है. अब सो जाओ.

बेटी- अच्छा बाबा सोती हूं!


~एक दिन के बाद~


बेटी- मम्मा जी, भूख लगी रोटी बनाओ.

पापा- अभी तो 6 भी नहीं बजे. रोटी तो सात बजे के बाद बनती है.

बेटी- ये कोई पंडितजी ने मूहूर्त निकाला है कि रोटी सात बजे ही बनेगी.

पिता- चुप....

बेटी- हा हा!

मम्मी- हा हा!


13.


मम्मी- चुनमुन जल्दी सो जाओ, फिर सुबह स्कूल के लिए जल्दी उठते नहीं हो. हम उठाते रहते हैं, आप ऊं ऊं करते रहते हो.

बेटी- मम्मा ऐसा करा करो, जब उठाओ ना तो बोला करो, नैना ये लो चाकलेट. फिर देखो मैं कैसे जल्दी उठती हूं .

~3.10.2012~


14.


बेटी- पापाजी गाय और बिल्ली आपस में दोनों बहन हैं?

पापा- अरे भाई गाय और बिल्ली बहन कैसे हो सकती हैं?

बेटी- हम गाय को गाय माता और बिल्ली को बिल्ली मौसी बोलते हैं ना.

पापा- हां बोलते हैं।

बेटी- फिर वो दोनों आपस में बहन हुई ना.... आप भी ना बुद्धू हो. 

~2.11.2012~



पापाजी, चिड़ियाघर, चिड़िया का होता है, तो फिर उसमें शेर क्यों रहता हैं?

 
1.

आज मार्किट से कुछ समान और बेटी की ड्रेस लेने गए थे.

जब बेटी की ड्रेस देखने लगे तो एक ड्रेस पसंद आई. लेकिन उसका दाम सुनकर माथा ठनका और वो वापिस यह कह कर दी कि यह महंगी है. 

यह देख बेटी कहने लगी है, 'कोई बात नहीं मम्मी. वो जो नानी के यहां से लाए थे वो पहन लूंगी. अम्मा से धुलवाके.' उसकी मम्मी उसके चेहरे को देखने लगीं. 

~20.1.2010~


2.


बेटी- पापाजी मेरा पीक्चर पजल कब लाओगे?

पापा- बेटा अभी पैसे नहीं हैं. जब आएंगे तो ले आऊंगा. 

बेटी- पापाजी पैसा बनाने की मशीन खरीद लो ना. 

~17.6.2010~


3.


चुनमुन का सवाल- 'पापाजी चिड़ियाघर, चिड़िया का होता है. तो फिर उसमें शेर क्यों रहता हैं?'

~13.7.2010~


4.

~चुनमुन के पापा के जन्मदिन पर~


बेटी- पापाजी आपको केक काटना नहीं आता ना, मुझे आता है. आज शाम को केक मैं काटूंगी. ठीक है.

पापा- नहीं, मुझे भी आता है!

बेटी- मम्मीजी पापा को नहीं आता ना. मैंने अपने बर्थडे पर काटा था ना मम्मी.

पापा- अरे भाई मुझे भी आता है.

बेटी- फिर काटो, मुझे क्या 😀

~17.7.2010~


5.


बेटी अपने जन्मदिन पर 

पापा- बेटी खड़ी हो जाओ. बहुत देर हो गई सोते-सोते. गुब्बारे कौन फुलाऐगा?
बेटी- आप.
पापा- रिबन कौन लगाऐगा?

बेटी-आप. 

पापा- कमरा कौन सजाऐगा? 

बेटी-आप. 

पापा- मोमबतियों को फुंक कौन मारेगा? 

बेटी-आप. 

पापा- जन्मदिन किसका है?

बेटी-आपका. 

पापा- केक कौन काटेगा? 

बेटी- मैं. 

~27.9.2010~


6.


पापा- हमारे जमाने में तो जब रामलीला देखने जाते थे. तब हम स्वेटर पहन कर निकलते थे और कुछ तो शाल ओढ़कर जाते थे. और अब ?

बेटी- अच्छा! आप इतने बुड्ढे हो क्या 😄

~20.10.2010~


7.


बेटी- पापाजी रावण तो लेटा हुआ है रोड़ पर.

पापा- शाम को खड़ा हो जाएगा.

बेटी- वो कभी बैठता नहीं है क्या!

~24.10.2010~ 


8.


पापा- पैरों में गर्म जुराबें, पेंट के नीचे गरम पजामी, कमीज के नीचे गर्म बनियान, ऊपर गर्म जर्सी और इन सबके ऊपर से जयपुरी गर्म रजाई. फिर भी है कि ठंड है कि लगे जा रही हैं. क्या करूं?

बेटी- अरे बाबा जब तक इस गंजी टांट को कुछ पहनाओगे नहीं तो ठंड क्या मुझे लगेगी.

~21.12.2010~